राम धुन

गांधीजी के जन्मदिवस पर उनकी रामधुन 

 मूल –श्री नम: रामायण लेखक–लक्ष्मणाचार्य

रघुपति राघव राजाराम

पतित पावन सीताराम

सुंदर विग्रह मेघश्याम

गंगा तुलसी शालग्राम

भद्रगिरीश्वर सीताराम

भगत-जनप्रिय सीताराम

जानकीरमणा सीताराम

जयजय राघव सीताराम

प्रसिद्ध संस्करण -विष्णु दिगंबर पलुसकर, महात्मा गांधी  के द्वारा

रघुपति राघव राजाराम,

पतित पावन सीताराम

सीताराम सीताराम,

भज प्यारे तू सीताराम

ईश्वर अल्लाह तेरो नाम,

सब को सन्मति दे भगवान

 

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